अल्मोड़ा: नगर निगम के पहले मेयर चुनाव में भाजपा के अजय वर्मा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस के गढ़ को तोड़ा। उन्होंने 8,788 मतों के साथ कांग्रेस के उम्मीदवार भैरव गोस्वामी को 2,479 मतों के अंतर से हराया। चुनाव की मुख्य बातें: भाजपा की ऐतिहासिक जीत: यह नगर निगम के इतिहास में पहला […]
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व्लॉगर की भूल, एक गाँव की सुरक्षा पर खतरा
(1) उत्तराखंड के सुंदर, हरे-भरे पहाड़ों का दृश्य। गाँव की शांत वादियों में एक छोटी सी पगडंडी है, जिसके किनारे फलों के पेड़ हैं और रास्तों में चलते हुए झरने का धीमा-धीमा संगीत सुनाई देता है। पृष्ठभूमि में गाँव के छोटे-छोटे मिट्टी और पत्थर के बने घर दिखाई देते हैं। यही पर। एक वृद्ध महिला […]
सरकारी सुख से टपकते नल तक: मकान मालिक बनने का सफ़र
जनाब, जब भी जीवन के सफर में मुड़कर देखा तो सरकारी मकानों में रहने का सुख हमेशा याद आता है। कठघरिया में बसने के बाद जब भी प्लंबर, कारपेंटर की खोज में श्रीमती जी द्वारा दोड़ाया जाता हूँ या उनका इंतजार कर रहा होता हूँ तो वो सुनहरे दिन याद आते हैं जब हम भी […]
अल्मोड़ा के कुछ बेहतरीन रेस्टोरेंट/ कैफ़े (फ़ेसबुक फीड पर आधारित)
क्या आप भी अल्मोड़ा के लजीज खाने के दीवाने हैं? पिछले दिनों, हमने अपने फेसबुक पेज पर अल्मोड़ा ज़िले के बेहतरीन रेस्टोरेंट के बारे में पूछा था। और हमें ढेरों शानदार जवाब मिले! आइए, इन जवाबों में झांकते हैं, और जानते हैं कि अल्मोड़ा के लोगों ने किन-किन स्वादिष्ट फ़ूड पॉइंट्स का जिक्र किया! अगर […]
बिंसर – प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग
यह दुनिया जितनी मनुष्यों की है, उतनी ही वन्य जीवों, पक्षियों, वनस्पतियों आदि की भी है। लेकिन मानव अपनी आधुनिक जीवन शैली के कारण प्रकृति और ईको सिस्टम को संरक्षित करने की सामान्यतः परवाह नहीं करते या ध्यान नहीं दे पाते। तब मानव द्वारा ही इन्हें संरक्षित करने के लिए रिज़र्व फारेस्ट तैयार करने की […]
कसार देवी: जहां हिमालय की ऊंचाइयां छूती है आध्यात्मिक ऊर्जा!
अल्मोड़ा से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित कसार देवी, यहाँ से दिखने वाले खूबसूरत नज़ारों के साथ-साथ ध्यान और आध्यात्म के पवित्र तीर्थस्थल – कसार देवी मंदिर के लिए जाना जाता है। कसारदेवी से हिमालय की विस्तृत श्रृंखलाएँ दिखाई देती हैं। सर्दियों का समय इन पर्वत श्रृंखलाओं को देखने के लिए सबसे अच्छा होता है। […]
कॉलेज के प्रेम की दौड़…!
बात कुछ वर्ष पुरानी है, तब अल्मोड़ा सोबन सिंह जीना कॉलेज कैंपस तब यूनिवर्सिटी नहीं बना था, इस सह–शिक्षा (Co-Education) कॉलेज में शिक्षा की मात्रा कम और सह पर ज़्यादा फोकस हुआ करता था। कुछ लोग कैंपस में इसलिए आते कि अपने प्रेमी युगल से मिल सके, कुछ इस आरज़ू में आते कि – कभी […]
बिनसर की वो रात!
जनाब, न तो आजकल के समान सुविधाएं थीं और न ही उस समय की सुविधाओं का उपभोग करने की सामर्थ्य। पॉकेट मनी बस नाम मात्र को मिलती थी, वरना जेब खर्च तो बाजार से लाए जाने वाले सामान में हेराफेरी से ही चलता था। पुस्तकों ने भी जेब खर्च की कमी को पूरा करने और […]
मिर्ज़ा साब कैफ़े वाले…
यूँ तो दोस्तों इस फ़ानी दुनिया में हर इंसान के दिलो दिमाग में कई तरह के विचार आना लाज़मी है क्योंकि वैज्ञानिक रूप से वह जानवर की श्रेणी से ऊपर है,जहां किसी चौपाऐ में दिल, दिमाग और पेट ज़मीन के समानांतर मिलेंगें वहीं इंसान में सबसे ऊपर दिमाग, फिर दिल और फिर पेट ज़मीन के […]
