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इंतज़ार किसी और का

कभी – कभी रवि पास के जंगल में पैदल सैर के लिए निकल जाता था।दूर गाँव की ओर जाने वाले जंगल के रास्ते में ताजी हवा मिलती, और प्रकृति के साथ समय बिताने का मौका भी। पेड़ों पर उछल-कूद करते या करतब दिखाते पक्षी भी दिख जाते थे। आज भी रवि निकला था। मुख्य सड़क […]

अल्मोड़ा नगर निगम चुनाव: भाजपा के अजय वर्मा बने पहले मेयर

अल्मोड़ा: नगर निगम के पहले मेयर चुनाव में भाजपा के अजय वर्मा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस के गढ़ को तोड़ा। उन्होंने 8,788 मतों के साथ कांग्रेस के उम्मीदवार भैरव गोस्वामी को 2,479 मतों के अंतर से हराया। चुनाव की मुख्य बातें: भाजपा की ऐतिहासिक जीत: यह नगर निगम के इतिहास में पहला […]

ग्रामवासियों के प्रयासों से अल्मोड़ा में हुआ नौले का पुनर्जीवन

कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा जिले के अंतर्गत आने वाले साल्ट ब्लॉक के ग्रामीणों ने एक सराहनीय पहल की है। उन्होंने 25 साल पहले सूख चुके नाले को पुनर्जीवित कर दिखाया है, जो अब 300 से अधिक ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध करा रहा है। अल्मोड़ा जिले के साल्ट ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले कालीगाड़ गांव के […]

सरकारी सुख से टपकते नल तक: मकान मालिक बनने का सफ़र

जनाब, जब भी जीवन के सफर में मुड़कर देखा तो सरकारी मकानों में रहने का सुख हमेशा याद आता है। कठघरिया में बसने के बाद जब भी प्लंबर, कारपेंटर की खोज में श्रीमती जी द्वारा दोड़ाया जाता हूँ या उनका इंतजार कर रहा होता हूँ तो वो सुनहरे दिन याद आते हैं जब हम भी […]

धरौदा – दशकों पहले के अल्मोड़ा के घर की यादें!

चंपा नौला का तीन मंजिला मकान मेरी दिल्ली वाली बुआ के ससुराल वालों का था, और हम लोग उस मकान के पांच कमरों में साठ रुपये महीने के किराएदार थे। बीच वाली मंजिल में देबी बुआ रहती थीं, सबसे ऊपर सागुडी जी मास्टर साहब और बगल में ख्याली राम पांडे जी का परिवार रहता था। […]

वाह उस्ताद… सईद साब…

यूँ तो दोस्तों, वक़्ती तौर पर अल्मोड़ा नगर को एक कौमी एकता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है जहाँ से एक से बढ़कर एक प्रतिभाएँ विकसित हुईं और एक से बढ़कर एक कलाकार पैदा हुए। यही नहीं, दशहरा और मोहर्रम में परस्पर भागीदारी ने इन मौकों को मुक़द्दस और आलीशान त्यौहारों के रूप […]

अखबार से नेटफ्लिक्स तक, एक आम आदमी की जिंदगी

एक तो गर्मी का मौसम और जीवन का चौथा प्रहर। जनाब काटे नहीं कटे ये रतियाँ, बीते नहीं बीते ये दिन। उम्र का तकाजा रात देर से आँख लगना और सुबह सवेरे ही खुल जाना, यानि वैसे ही ये चौबीस घंटे कैसे कटे कैसे कटे कर कटते हैं उस पर देर से सोना जल्दी उठना […]

जिम में गिरधारी… बना गज्जू भाई!

अल्मोड़ा का शायद वह पहला जिम था, “फ़्रेंड्स बॉडी बिल्डिंग क्लब” (FBBC), जहाँ तेज म्यूजिक और डम्बल टकराने की आवाज़ें गूंजती थीं, और दीवारों पर बॉडी बिल्डर्स के दमदार मांसपेशियों वाले पोस्टर लगे हुए थे। शहर में खुला हुआ यह नया जिम, उस समय के युवाओं के लिए स्टेटस सिंबल बन गया था। इसी समय […]

कॉलेज के प्रेम की दौड़…!

बात कुछ वर्ष पुरानी है, तब अल्मोड़ा सोबन सिंह जीना कॉलेज कैंपस तब यूनिवर्सिटी नहीं बना था, इस सह–शिक्षा (Co-Education) कॉलेज में शिक्षा की मात्रा कम और सह पर ज़्यादा फोकस हुआ करता था। कुछ लोग कैंपस में इसलिए आते कि अपने प्रेमी युगल से मिल सके, कुछ इस आरज़ू में आते कि – कभी […]