जनाब, जब भी जीवन के सफर में मुड़कर देखा तो सरकारी मकानों में रहने का सुख हमेशा याद आता है। कठघरिया में बसने के बाद जब भी प्लंबर, कारपेंटर की खोज में श्रीमती जी द्वारा दोड़ाया जाता हूँ या उनका इंतजार कर रहा होता हूँ तो वो सुनहरे दिन याद आते हैं जब हम भी […]
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धरौदा – दशकों पहले के अल्मोड़ा के घर की यादें!
चंपा नौला का तीन मंजिला मकान मेरी दिल्ली वाली बुआ के ससुराल वालों का था, और हम लोग उस मकान के पांच कमरों में साठ रुपये महीने के किराएदार थे। बीच वाली मंजिल में देबी बुआ रहती थीं, सबसे ऊपर सागुडी जी मास्टर साहब और बगल में ख्याली राम पांडे जी का परिवार रहता था। […]
वाह उस्ताद… सईद साब…
यूँ तो दोस्तों, वक़्ती तौर पर अल्मोड़ा नगर को एक कौमी एकता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है जहाँ से एक से बढ़कर एक प्रतिभाएँ विकसित हुईं और एक से बढ़कर एक कलाकार पैदा हुए। यही नहीं, दशहरा और मोहर्रम में परस्पर भागीदारी ने इन मौकों को मुक़द्दस और आलीशान त्यौहारों के रूप […]
अखबार से नेटफ्लिक्स तक, एक आम आदमी की जिंदगी
एक तो गर्मी का मौसम और जीवन का चौथा प्रहर। जनाब काटे नहीं कटे ये रतियाँ, बीते नहीं बीते ये दिन। उम्र का तकाजा रात देर से आँख लगना और सुबह सवेरे ही खुल जाना, यानि वैसे ही ये चौबीस घंटे कैसे कटे कैसे कटे कर कटते हैं उस पर देर से सोना जल्दी उठना […]
जिम में गिरधारी… बना गज्जू भाई!
अल्मोड़ा का शायद वह पहला जिम था, “फ़्रेंड्स बॉडी बिल्डिंग क्लब” (FBBC), जहाँ तेज म्यूजिक और डम्बल टकराने की आवाज़ें गूंजती थीं, और दीवारों पर बॉडी बिल्डर्स के दमदार मांसपेशियों वाले पोस्टर लगे हुए थे। शहर में खुला हुआ यह नया जिम, उस समय के युवाओं के लिए स्टेटस सिंबल बन गया था। इसी समय […]
मिर्ज़ा साब कैफ़े वाले…
यूँ तो दोस्तों इस फ़ानी दुनिया में हर इंसान के दिलो दिमाग में कई तरह के विचार आना लाज़मी है क्योंकि वैज्ञानिक रूप से वह जानवर की श्रेणी से ऊपर है,जहां किसी चौपाऐ में दिल, दिमाग और पेट ज़मीन के समानांतर मिलेंगें वहीं इंसान में सबसे ऊपर दिमाग, फिर दिल और फिर पेट ज़मीन के […]
किसी के प्यार में वर्ना (वर्मा) टैनी होना…
यूँ तो दोस्तों अपने दैनिक जीवन में हम अक्सर देखते सुनते हैं किफलाने के प्यार में ढिमकाने नें ऐसी प्रतिक्रिया दी, दोनों नें बाद में शादी कर ली, अलग हो गए, प्रेमी को बुरी तरह पिटवा दिया या प्रेमिका के चेहरे को खराब कर दिया, खुद अपनी जानें ले ली या आॅनर किलिंग के शिकार […]
अल्मोड़ा ज़िला लाइब्रेरी का नया स्वरूप पुस्तक प्रेमियों का दिल जीत लेगा!
शुक्रिया डी एम साहिबा… दोस्तों तकरीबन छह माह पहले जिलाधिकारी महोदया अल्मोड़ा द्वारा जो एक सराहनीय पहल राजकीय जिला पुस्तकालय को लेकर की गई थी, जो दशकों पुराने पुस्तकालय के जीर्णोद्धार की थी, अब वह पूरी हो चुकी। विगत रविवार को आयोजित तथाकथित लोकार्पण में जनप्रतिनिधियों की होड़ रही पर सालों की पड़ी इस जरूरत […]
विशालकाय बकायन के पेड़ की डालें काटता हुआ शेरदा
हमारा शेरदा उर्फ़ शेरुवा…. यूँ तो दोस्तों अक्सर इतिहास,साहित्य अथवा सिनेमा आदि की दुनिया में कई बार हम ऐसे चरित्रों से रुबरू होते हैं जिनका जीवन एक महामानव सरीखा यानि ‘लार्जर देन लाईफ़‘ लगता है, पर यदि हम जीवन में सिर्फ अपने आप में ही ना खोए हो,अपने आसपास घटित होने वाली घटनाओं व परिस्थितियों […]
