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लखुउड़्यार शैलाश्रय अल्मोड़ा

हजारों वर्ष पूर्व, प्रागेतिहासिक युग के लोग कैसे रहते होंगे, तब – जब आदमी पेड़ो और गुफाओं मे रहता था, उसने पत्थरों से आग जलाना सीखा, और फिर पत्थरो के हथियार बना शिकार करना सीखा। और उसने सीखा – अपने शिकार को आग में आग मे भून कर खाना।   इसके साथ उसने चित्र बनाने भी […]

जब एक दिव्य संत के लिए रानीखेत में छावनी की स्थापना हुई।

अल्मोड़ा और उत्तराखंड के लोग देवभूमि में होने कारण अत्यंत सौभाग्यशाली हैं। अनेकों उच्च उपलब्धि प्राप्त संतों, महात्माओं ने इस भूमि को अपने चरण धूलि से पवित्र किया हैं और अपनी तपोभूमि के रूप में पर्वतीय भूभाग को चुना है। उनका प्रकाश आज भी इस क्षेत्र को पुलकित कर रहा है। . महान संत लाहिड़ी […]

अल्मोड़ा – चम्पानौला की यादों से भाग 2

चम्पा नौला में हमारे मकान की लोकेशन बहुत बढ़िया थी, भैरव मन्दिर के बगल से करीब सौ सीढ़ी उतर, नौले के बगल मे, ऊपर मिट्ठू दा का मकान और हमारा घर, नौले के बगल मे होने के कारण हम लोगो ने कभी पानी की तंगी नही झेली, गर्मियों में तो चम्पा नौला मे जैसे कौतिक […]

चितई गोलू देव के करें दर्शन

चितई गोलू देव के करें दर्शन उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में एक खूबसूरत स्थान है अल्मोड़ा। विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल नैनीताल से लगभग 72 किलोमीटर और 2 घंटे का सफर तय कर आप अल्मोड़ा पहुँच सकते हैं। अल्मोड़ा नगर से निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम लगभग 85 किलोमीटर और निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर लगभग 110 किलोमीटर […]

अल्मोड़ा दो दशक पहले!

  तब लोग मिलन चौक में लाला बाजार से थाना बाजार तक तो लगभग  रोज ही घूम आते। अब भी शायद जाते हों। यह हैं अल्मोड़ा का मशहूर मिलन चौक, नाम के अनुरूप – यहाँ रोड के किनारे खड़े हो, मित्रो, परिचितों के मध्य अक्सर अनौपचारिक मीटिंग्स हुआ करती।   उस दिनों जब हम अपनी […]

चम्पानौला की प्रसिद्ध कैजा

आज सुबह से मुझे अल्मोड़ा वाले घर की बहुत याद आ रही है और साथ ही याद आ रही है हमारे बगल वाली कैजा, यादो पर किसीका बस तो नहीं, न कोई रोकटोक है इनकी आवाजाही पर, इसलिए मेने अपने को पूरी तरह यादो के हवाले कर दिया और सोचने लगा अपनी प्यारी कैजा के […]

नानतिन बाबा (एक अवतार पुरुष)

देवभूमि उत्तराखंड ने, अध्यात्म की तलाश में इस क्षेत्र में आये विभिन्न विभूतियों को आकर्षित किया है। क्योंकि इस देवभूमि के कण-कण में देवताओं का वास है। इस क्रम में सोमवारी बाबा, हैड़ाखान बाबा, नीब करौरी बाबा, नानतिन बाबा जैसे अद्भुत संतों ने इस धरा को अपनी कर्मभूमि बनाया और निःस्वार्थ रूप से क्षेत्र के […]