कभी – कभी रवि पास के जंगल में पैदल सैर के लिए निकल जाता था।दूर गाँव की ओर जाने वाले जंगल के रास्ते में ताजी हवा मिलती, और प्रकृति के साथ समय बिताने का मौका भी। पेड़ों पर उछल-कूद करते या करतब दिखाते पक्षी भी दिख जाते थे। आज भी रवि निकला था। मुख्य सड़क […]
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जिम में गिरधारी… बना गज्जू भाई!
अल्मोड़ा का शायद वह पहला जिम था, “फ़्रेंड्स बॉडी बिल्डिंग क्लब” (FBBC), जहाँ तेज म्यूजिक और डम्बल टकराने की आवाज़ें गूंजती थीं, और दीवारों पर बॉडी बिल्डर्स के दमदार मांसपेशियों वाले पोस्टर लगे हुए थे। शहर में खुला हुआ यह नया जिम, उस समय के युवाओं के लिए स्टेटस सिंबल बन गया था। इसी समय […]
कॉलेज के प्रेम की दौड़…!
बात कुछ वर्ष पुरानी है, तब अल्मोड़ा सोबन सिंह जीना कॉलेज कैंपस तब यूनिवर्सिटी नहीं बना था, इस सह–शिक्षा (Co-Education) कॉलेज में शिक्षा की मात्रा कम और सह पर ज़्यादा फोकस हुआ करता था। कुछ लोग कैंपस में इसलिए आते कि अपने प्रेमी युगल से मिल सके, कुछ इस आरज़ू में आते कि – कभी […]
बिनसर की वो रात!
जनाब, न तो आजकल के समान सुविधाएं थीं और न ही उस समय की सुविधाओं का उपभोग करने की सामर्थ्य। पॉकेट मनी बस नाम मात्र को मिलती थी, वरना जेब खर्च तो बाजार से लाए जाने वाले सामान में हेराफेरी से ही चलता था। पुस्तकों ने भी जेब खर्च की कमी को पूरा करने और […]
किसी के प्यार में वर्ना (वर्मा) टैनी होना…
यूँ तो दोस्तों अपने दैनिक जीवन में हम अक्सर देखते सुनते हैं किफलाने के प्यार में ढिमकाने नें ऐसी प्रतिक्रिया दी, दोनों नें बाद में शादी कर ली, अलग हो गए, प्रेमी को बुरी तरह पिटवा दिया या प्रेमिका के चेहरे को खराब कर दिया, खुद अपनी जानें ले ली या आॅनर किलिंग के शिकार […]
लाल बहादुर दाई उर्फ़ हनुमान…
यूँ तो दोस्तों हमारे आसपास होने वाले घटनाक्रमों के बीच कई बार ऐसा भी होता है कि जब कोई अंजान शख़्सियत किसी ख़ास शख़्सियत से इस क़दर मेल खाती है कि लोग असल शख़्सियत का नाम इस अंजान शख़्सियत को दे बैठते हैं।धीरे-2 वह अंजान शख़्सियत असली शख़्सियत का ऐसा नाम रोशन करती है कि […]
इकबाल नाई उर्फ़ बबाल भाई…
यूँ तो दोस्तों हमारे समाज में लम्बी- 2 फेंकने वालों बड़ा महत्तवपूर्ण स्थान रहा है और रहेगा.. हालाकि उन्होंने फेंकने के अलावा समाज में बदलाव के प्रयास न किये, न ही ऐसे काम जिनके कारण उन्हें याद रखा जा सके। वो सिर्फ अपनी फेंकने की अदा से याद किए जातें है और मनोरंजन के पात्र […]
अल्मोड़ा आकर एक परिवार की चमकने और डूबने की कहानी।
बादल… बेला… यों तो दोस्तों इस दुनिया में होने वाला हर लम्हा, हर चीज़ परिवर्तनशील है जो कि प्रकृति का नियम है। इस पर समय रुपी दौर की क्या बात करे.. अलग-2 दौर ने वक्त – 2 में आदमी को कैसे छला है.. यह सिर्फ वह आदमी या वक्त ही बता सकता है.. हम आप […]
विशालकाय बकायन के पेड़ की डालें काटता हुआ शेरदा
हमारा शेरदा उर्फ़ शेरुवा…. यूँ तो दोस्तों अक्सर इतिहास,साहित्य अथवा सिनेमा आदि की दुनिया में कई बार हम ऐसे चरित्रों से रुबरू होते हैं जिनका जीवन एक महामानव सरीखा यानि ‘लार्जर देन लाईफ़‘ लगता है, पर यदि हम जीवन में सिर्फ अपने आप में ही ना खोए हो,अपने आसपास घटित होने वाली घटनाओं व परिस्थितियों […]
