Author: Almora Online Desk

अल्मोड़ा से चितई यात्रा और मंदिर दर्शन

अल्मोड़ा से लगभग 8.5 किलोमीटर की दुरी पर स्ठित है प्रसिद्द गोलू देवता का मंदिर चितई। आज इस लेख में आप पड़ेंगे अल्मोड़ा मुख्य नगर से NTD होते हुए, चितई मंदिर की सड़क यात्रा, मार्ग में आने वाले प्रमुख स्थानो को,  चितई गोलु देवता दर्शन, चितई मंदिर का इतिहास, यहाँ से जुड़ी मान्यताएँ और वापसी […]

उत्तराखंड चार धाम यात्रा/ दर्शन

उत्तराखंड चारधाम दर्शन के लिए श्रद्धालु, अपने जीवन में कम से कम एक बार तो आना ही चाहते हैं। इन दिनों इन धामों के कपाट भी खुलने वाले हैं। परन्तु इस बार लॉकडाउन के कारण, यात्रा संभवतः देर से शुरू होगी। इस वर्ष (सन् 2020) उत्तराखंड के चार धाम मंदिर समिति द्वारा चारों धामों के […]

अल्मोड़ा से जागेश्वर यात्रा और मंदिर दर्शन

अल्मोड़ा से जागेश्वर तक रोड ट्रिप, रूट और रास्ते के बारे मे जानकारी और साथ में करेंगें जागेश्वर मंदिर समूह के  दर्शन। यात्रा वृतांत आरम्भ  करते हैं – अल्मोड़ा में धारानौला से।  धारानौला अल्मोड़ा की महत्वपूर्ण बाज़ार हैं, यहाँ – कई सरकारी / गैर सरकारी कार्यालय, और जिनमें मिठाइयों, रोजमर्रा की जरूरतों की दुकानें सहित […]

अल्मोड़ा से जुड़े प्रसिद्ध व्यक्ति

स्वामी विवेकानंद (12 जनवरी 1863 – 4 जुलाई 1902) ने अपने हिमालय प्रवास  के समय अल्मोड़ा का तीन बार दौरा किया। उन्होंने शुद्ध अद्वैत वेदांत के अभ्यास और ध्यान के लिए उत्तराखंड के हिमालय क्षेत्रों को उपयुक्त मानते थे।  गोविंद बल्लभ पंत (10 सितंबर 1887 – 7 मार्च 1961) प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, भारतरत्न से सम्मानित, […]

कोरोना आपदा से क्या धार्मिक आस्था बचा सकती है?

हम किसी भी धर्म के हों, अगर ऐसा लगता हैं –  कि कोरोना वायरस से बचने के लिए सरकार द्वारा जारी सुरक्षा गाइड लाइन हमें मानने आवश्यकता नहीं, क्योकि हमारे ईश्वर या अल्लाह हमें कोरोना से बचा लेंगे।  तो श्री रामकृष्ण परमहंस द्वारा स्वामी विवेकानंद एवं कुछ दूसरे शिष्यों को एक अवसर पर कहीं यह […]

लखुउड़्यार शैलाश्रय अल्मोड़ा

हजारों वर्ष पूर्व, प्रागेतिहासिक युग के लोग कैसे रहते होंगे, तब – जब आदमी पेड़ो और गुफाओं मे रहता था, उसने पत्थरों से आग जलाना सीखा, और फिर पत्थरो के हथियार बना शिकार करना सीखा। और उसने सीखा – अपने शिकार को आग में आग मे भून कर खाना।   इसके साथ उसने चित्र बनाने भी […]

जब एक दिव्य संत के लिए रानीखेत में छावनी की स्थापना हुई।

अल्मोड़ा और उत्तराखंड के लोग देवभूमि में होने कारण अत्यंत सौभाग्यशाली हैं। अनेकों उच्च उपलब्धि प्राप्त संतों, महात्माओं ने इस भूमि को अपने चरण धूलि से पवित्र किया हैं और अपनी तपोभूमि के रूप में पर्वतीय भूभाग को चुना है। उनका प्रकाश आज भी इस क्षेत्र को पुलकित कर रहा है। . महान संत लाहिड़ी […]

चितई गोलू देव के करें दर्शन

चितई गोलू देव के करें दर्शन उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में एक खूबसूरत स्थान है अल्मोड़ा। विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल नैनीताल से लगभग 72 किलोमीटर और 2 घंटे का सफर तय कर आप अल्मोड़ा पहुँच सकते हैं। अल्मोड़ा नगर से निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम लगभग 85 किलोमीटर और निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर लगभग 110 किलोमीटर […]

बाबा नीम करोली महाराज आश्रम/ मंदिर कैंची

बाबा नीम करोली महाराज आश्रम/ मंदिर कैंची उत्तराखंड के नैनीताल जिले में कैंची नाम की जगह में बाबा नीम करोली महाराज का कैंची धाम आश्रम, नैनीताल से 20 किलोमीटर दूर नैनीताल-अलमोड़ा रोड़ पर समुद्र तल से 1400 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। कैंची मंदिर का परिसर रोड से लगा हैं, कुछ सीढिया उतर कर मंदिर […]