प्रेम का ये पाठ मेने खुद से ही पढ़ लिया

प्रेम का ये पाठ मेने खुद से ही पढ़ लिया, भोले भंडारी शिव हूँ मै जब प्रेम में रम गया, जब हुआ क्रुद्ध तो हूँ रुद्र सा संहारक, प्रेम वात्सल्य में अर्धनारीश्वर शिव भया। हूँ राम से योद्धा जब प्रेयसी दुख में भयी, हूँ श्याम से मनमोहक में जब प्रेयसी सुख में भई। परशुराम हूँ […]