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अल्मोड़ा से जुड़े प्रसिद्ध व्यक्ति

स्वामी विवेकानंद (12 जनवरी 1863 – 4 जुलाई 1902) ने अपने हिमालय प्रवास  के समय अल्मोड़ा का तीन बार दौरा किया। उन्होंने शुद्ध अद्वैत वेदांत के अभ्यास और ध्यान के लिए उत्तराखंड के हिमालय क्षेत्रों को उपयुक्त मानते थे।  गोविंद बल्लभ पंत (10 सितंबर 1887 – 7 मार्च 1961) प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, भारतरत्न से सम्मानित, […]

सरकारी आवास से अपना आशियाना

जनाब उम्र के इस पड़ाव पर जब भी मुड़ कर देखा एक बात बहुत याद आती है, यहाँ हल्द्वानी में कठघरिया मे बसने के बाद जब भी प्लमबर, कारपेन्टर, की खोज मे दोडाया जाता हूँ या उनका इंतजार कर रहा होता हूँ तो वो सुनहरे दिन याद आते हैं, जब हम भी राजाओ की तरह […]

ब्राइट एन्ड की एक शाम

बात कुछ वर्ष पुरानी है, अपने कॉलेज के दिनों में, एक शाम मित्र और मैं ब्राइट एंड कार्नर (विवेकानंद कार्नर) से वापस लौट रहे थे, रात का अँधेरा, शाम की धुंधले को ढकने का था और सामने दिख रही अल्मोड़ा की पहाड़ियां रोशनी से जगमगाने लगी थी। हमारे लिए समय था – घर वापस पहुंचने […]

बचपन वाली गर्मियों की छुट्टियां

बचपन की यादों मे नैनीताल के साउथ वूड कोटेज की हल्की हल्की यादे अब तक साथ निभा रही है, बाबुजी अल्मोडा मे कार्यरत थे और हम दोनो भाई एडम्स स्कूल मे पढ़ते थे, गर्मियों का अवकाश विशेष होता क्योकिं मुझे नैनीताल आमा बब्बा के पास जाने का मौका मिल्ता। बाबुजी अल्मोडा से केमू की बस […]

कोरोना आपदा से क्या धार्मिक आस्था बचा सकती है?

हम किसी भी धर्म के हों, अगर ऐसा लगता हैं –  कि कोरोना वायरस से बचने के लिए सरकार द्वारा जारी सुरक्षा गाइड लाइन हमें मानने आवश्यकता नहीं, क्योकि हमारे ईश्वर या अल्लाह हमें कोरोना से बचा लेंगे।  तो श्री रामकृष्ण परमहंस द्वारा स्वामी विवेकानंद एवं कुछ दूसरे शिष्यों को एक अवसर पर कहीं यह […]

लखुउड़्यार शैलाश्रय अल्मोड़ा

हजारों वर्ष पूर्व, प्रागेतिहासिक युग के लोग कैसे रहते होंगे, तब – जब आदमी पेड़ो और गुफाओं मे रहता था, उसने पत्थरों से आग जलाना सीखा, और फिर पत्थरो के हथियार बना शिकार करना सीखा। और उसने सीखा – अपने शिकार को आग में आग मे भून कर खाना।   इसके साथ उसने चित्र बनाने भी […]

जब एक दिव्य संत के लिए रानीखेत में छावनी की स्थापना हुई।

अल्मोड़ा और उत्तराखंड के लोग देवभूमि में होने कारण अत्यंत सौभाग्यशाली हैं। अनेकों उच्च उपलब्धि प्राप्त संतों, महात्माओं ने इस भूमि को अपने चरण धूलि से पवित्र किया हैं और अपनी तपोभूमि के रूप में पर्वतीय भूभाग को चुना है। उनका प्रकाश आज भी इस क्षेत्र को पुलकित कर रहा है। . महान संत लाहिड़ी […]

अल्मोड़ा – चम्पानौला की यादों से भाग 2

चम्पा नौला में हमारे मकान की लोकेशन बहुत बढ़िया थी, भैरव मन्दिर के बगल से करीब सौ सीढ़ी उतर, नौले के बगल मे, ऊपर मिट्ठू दा का मकान और हमारा घर, नौले के बगल मे होने के कारण हम लोगो ने कभी पानी की तंगी नही झेली, गर्मियों में तो चम्पा नौला मे जैसे कौतिक […]

चितई गोलू देव के करें दर्शन

चितई गोलू देव के करें दर्शन उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में एक खूबसूरत स्थान है अल्मोड़ा। विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल नैनीताल से लगभग 72 किलोमीटर और 2 घंटे का सफर तय कर आप अल्मोड़ा पहुँच सकते हैं। अल्मोड़ा नगर से निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम लगभग 85 किलोमीटर और निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर लगभग 110 किलोमीटर […]

अल्मोड़ा दो दशक पहले!

  तब लोग मिलन चौक में लाला बाजार से थाना बाजार तक तो लगभग  रोज ही घूम आते। अब भी शायद जाते हों। यह हैं अल्मोड़ा का मशहूर मिलन चौक, नाम के अनुरूप – यहाँ रोड के किनारे खड़े हो, मित्रो, परिचितों के मध्य अक्सर अनौपचारिक मीटिंग्स हुआ करती।   उस दिनों जब हम अपनी […]

चम्पानौला की प्रसिद्ध कैजा

आज सुबह से मुझे अल्मोड़ा वाले घर की बहुत याद आ रही है और साथ ही याद आ रही है हमारे बगल वाली कैजा, यादो पर किसीका बस तो नहीं, न कोई रोकटोक है इनकी आवाजाही पर, इसलिए मेने अपने को पूरी तरह यादो के हवाले कर दिया और सोचने लगा अपनी प्यारी कैजा के […]

नानतिन बाबा (एक अवतार पुरुष)

देवभूमि उत्तराखंड ने, अध्यात्म की तलाश में इस क्षेत्र में आये विभिन्न विभूतियों को आकर्षित किया है। क्योंकि इस देवभूमि के कण-कण में देवताओं का वास है। इस क्रम में सोमवारी बाबा, हैड़ाखान बाबा, नीब करौरी बाबा, नानतिन बाबा जैसे अद्भुत संतों ने इस धरा को अपनी कर्मभूमि बनाया और निःस्वार्थ रूप से क्षेत्र के […]

अल्मोड़ा की कुछ तस्वीरें, डॉ हामिद की गैलरी से (I)

संसार की हर शै का इतना ही फसाना है, इक धुंध से आना है, इक धुंध में जाना है। Head Post Office, Almora. Established, 1905 COLONIAL HANGOVEREven if some obscure Englishman named Mr. Brighton lived in a cottage bearing his name, this does not make a spot near his house Brighton Corner. Every since I’ve […]

नंदा देवी कौतिक से नंदा देवी मेले तक

शाम को 4 बजे माँ का डोला उठता और नंदा देवी के जयकारो से सारा अल्मोड़ा गुंजाय मान हो जाता, डोले के दर्शन कर एक हाथ में बाजा एक में गुब्बारा लेकर पो पो बाजा बजाते और आँखों पर लाल पीला पन्नी वाला चश्मा लगाए घर वापसी होती और इंतजार पुनः प्रारंभ हो जाता अगले […]

मेरा स्कूल एडम्स गर्ल्स इंटर कॉलेज (II)

पिछले भाग से आगे, पहला भाग पढ़ने के लिए क्लिक करें। आइये चलते हैं मेरे स्कूल की सैर पर मेरे साथ, कुछ पुरानी यादें ताज़ा करने, हो सकता है इसमें आपको अपनी  भी मिल जाये। मेरे  स्कूल  का कैंपस इतना भव्य और सुरम्य था कि अगर  आप सैर पर निकले तो आप यहाँ की  प्राकृतिक […]

मेरा स्कूल एडम्स गर्ल्स इंटर कॉलेज (I)

मेरा शहर, एक छोटा और प्यारा सा मेरा अल्मोड़ा, मेरी यादों  का पिटारा जिसका नाम सुनते ही खुलने लगता है। पहाड़ो से, हरियाली से सजा हुआ मेरा अल्मोड़ा, जहाँ बस अब मेरी यादें ही बसती हैं, यादें जो शुरू होती  हैं  बचपन से और चल पड़ती हैं मेरे मन में बसने के लिए मेरी विदाई के […]

अल्मोड़ा से रानीखेत तक का सफर

प्राकृतिक सौंदर्य के आंचल में बसे उत्तराखंड की बात ही निराली है,यहां खूबसूरत वादियों के साथ-साथ विविध संस्कृति का संगम भी मिलता है, फिर आज क्यों ना अल्मोड़ा से रानीखेत का सफर किया जाएं। अल्मोड़ा शहर जिसके बारे में जितना कहु कम है, हमारी कुमाउँनी संस्कृति की असली छाप अल्मोड़ा से ही देखि जा सकती […]