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राजा हरुहीत की कहानी

उत्तराखंड की लोक कथाए और गीत यहाँ के विरासत का स्मरण कराते है, उत्तराखंड में अनेकों प्रसिद्ध लोक कहानियों में से एक लोककथा राजा हरुहीत की है। राजा हरुहीत कूमाऊँ की संस्कृति और आस्था के प्रतीक हैं। न्याय के लिए गुहार करने वाले लोगों का विश्वास है कि राजा हरुहीत सही न्याय करते हैं और लोग राजा जी के दर्शन के लिये दूर-दूर […]

मैं हूँ इस पेड़ का गवाह नंबर एक

सन 1988 के दिसम्बर में मैं अल्मोड़ा आ गया था, उससे पहिले इस पेड़ को कभी ध्यान से नहीं देखा था,पर अब जब भी यहाँ से गुजरता तो आराम के लिए कुछ समय बैठ जाता था, मस्त नजारे देखने को, टाइम पास भी हो जाता क्यों कि उस वक्त मेरे ज्यादा दोस्त नहीं थे। आंधी […]

झाकर सैम मंदिर, अल्मोड़ा

अगर आप अपनी रूटीन लाइफ से अलग कुछ दिन हट के एक अलग शांत और शुद्ध वातावरण में बिताना चाहते हैं, तो आज आप जानेगे एक ऐसे ही स्थान के बारे में। जहां आपको पहुचने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी। निकतम रेल्वे स्टेशन काठगोदाम से लगभग 130 किलोमीटर (लगभग 4 से 5 घंटे की) […]

अल्मोड़ा से चितई यात्रा और मंदिर दर्शन

अल्मोड़ा से लगभग 8.5 किलोमीटर की दुरी पर स्ठित है प्रसिद्द गोलू देवता का मंदिर चितई। आज इस लेख में आप पड़ेंगे अल्मोड़ा मुख्य नगर से NTD होते हुए, चितई मंदिर की सड़क यात्रा, मार्ग में आने वाले प्रमुख स्थानो को,  चितई गोलु देवता दर्शन, चितई मंदिर का इतिहास, यहाँ से जुड़ी मान्यताएँ और वापसी […]

If poem by Rudyard Kipling का हिंदी काव्यात्मक रूपांतरण

 रुडयार्ड किपलिंग की कालजयी कविता ‘If‘ हममें से कई लोगों की पसंदीदा कविताओं में से एक रही, उनकी इस कविता का खुबसूरत काव्यात्मक हिंदी रूपांतरण – श्यामेंद्र सोलंकी द्वारा किया गया। पढ़िए उनके द्वारा अनुदित कविता। यदि तुम रख सकते धीरज, जब हर कोई हुआ अधीर।दोषारोपण तुम पर कर के, कटु शब्दों के मारे तीर।यदि […]

इको फ्रेंडली और मजबूत बहुउपयोगी पारंपरिक ‘मोस्ट’

आयातित वस्तुओं की चमक में हमने अपने गांवो की कई परम्पराओं को शहर में  भुला दिया, उनमे से एक है वातानुकूलित मोस्ट, जिसे न सिर्फ दीवार, फर्श अथवा छत में लगा कर गर्मियों और ठण्ड से बच सकते हैं, बल्कि दूसरों कई कार्यों  हेतु भी उपयोग में ला सकते हैं। अब लगता है – स्थानीय […]

कविराज सुमित्रानंदन पंत

छायावादी कवि स्वर्गीय श्री सुमित्रानंदन पंत का जन्म कौसानी, बागेश्वर जनपद (उत्तराखंड) में 20 मई 1900 को हुआ था। पंडितजी ने आपका नाम गुसाई दत्त रखा गया था।

अल्मोड़ा से जुड़ी डिप्टी कलेक्टर जुड़वाँ बहनें

नोट: – निम्न लेख- मई 2020 में प्रकाशित हैं, दोनों बहने वर्तमान में (अक्टूबर 2025) एडीएम (Additional District Magistrate) के रूप में कार्यरत है। बहिन युक्ता मिश्र – अल्मोड़ा, बहिन मुक्ता मिश्र – उत्तरकाशी में। ———- आप छह – सात वर्ष पूर्व – अल्मोड़ा के पोस्ट ऑफिस में किसी भी कारण गए होंगे, तो आपने […]

केदारनाथ यात्रा का रोचक वर्णन

भगवान श्री केदारनाथ जी  के दर्शन हर श्रद्धालु के लिए अत्यंत आनंद का पल होता हैं, इस अकल्पनीय, अद्भुत, अविस्मरणीय  भावों के एक अंश को भी का शब्दों, चित्रों या ध्वनि में अभिव्यक्ति संभव नहीं।