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इको फ्रेंडली और मजबूत बहुउपयोगी पारंपरिक ‘मोस्ट’

आयातित वस्तुओं की चमक में हमने अपने गांवो की कई परम्पराओं को शहर में  भुला दिया, उनमे से एक है वातानुकूलित मोस्ट, जिसे न सिर्फ दीवार, फर्श अथवा छत में लगा कर गर्मियों और ठण्ड से बच सकते हैं, बल्कि दूसरों कई कार्यों  हेतु भी उपयोग में ला सकते हैं। अब लगता है – स्थानीय […]

कविराज सुमित्रानंदन पंत

छायावादी कवि स्वर्गीय श्री सुमित्रानंदन पंत का जन्म कौसानी, बागेश्वर जनपद (उत्तराखंड) में 20 मई 1900 को हुआ था। पंडितजी ने आपका नाम गुसाई दत्त रखा गया था।

अल्मोड़ा से जुड़ी डिप्टी कलेक्टर जुड़वाँ बहनें

नोट: – निम्न लेख- मई 2020 में प्रकाशित हैं, दोनों बहने वर्तमान में (अक्टूबर 2025) एडीएम (Additional District Magistrate) के रूप में कार्यरत है। बहिन युक्ता मिश्र – अल्मोड़ा, बहिन मुक्ता मिश्र – उत्तरकाशी में। ———- आप छह – सात वर्ष पूर्व – अल्मोड़ा के पोस्ट ऑफिस में किसी भी कारण गए होंगे, तो आपने […]

केदारनाथ यात्रा का रोचक वर्णन

भगवान श्री केदारनाथ जी  के दर्शन हर श्रद्धालु के लिए अत्यंत आनंद का पल होता हैं, इस अकल्पनीय, अद्भुत, अविस्मरणीय  भावों के एक अंश को भी का शब्दों, चित्रों या ध्वनि में अभिव्यक्ति संभव नहीं।

द्वाराहाट (कुमाऊँ का खजुराहो)

द्वाराहाट, उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिला का एक प्राचीन नगर है | यह स्थान रानीखेत से लगभग 21 किमी की दूरी पर बद्रीनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थान केंद्र रहा है, द्वाराहाट में तीन वर्ग के मंदिर है – कचहरी, मनिया तथा रत्नदेव। इसकी सांस्कृतिक महत्व के कारण, द्वाराहाट को “उत्तरा द्वारका” के […]

अल्मोड़ा के प्रसिद्ध चित्रकार – श्री जी बी पंत की कुछ अनमोल कृतियाँ

आप अल्मोड़ा में है या आपको कभी आने का मौका मिले तो –  तो आपको यहाँ अद्भुत चित्रकार, अर्थशास्त्री, ज्योतिष और प्रतिभाशाली व्यक्तित्व  श्री जी0 बी0 पंत से अवश्य मिलना चाहिए, जो अल्मोड़ा में पांडेखोला नामक स्थान में रहते हैं। उन्होंने अपना अध्यापन कार्य अरुणाचल प्रदेश में किया था।  परिचितों और प्रशंसकों मध्य वो – […]

उत्तराखंड चार धाम यात्रा/ दर्शन

उत्तराखंड चारधाम दर्शन के लिए श्रद्धालु, अपने जीवन में कम से कम एक बार तो आना ही चाहते हैं। इन दिनों इन धामों के कपाट भी खुलने वाले हैं। परन्तु इस बार लॉकडाउन के कारण, यात्रा संभवतः देर से शुरू होगी। इस वर्ष (सन् 2020) उत्तराखंड के चार धाम मंदिर समिति द्वारा चारों धामों के […]

अल्मोड़ा से जागेश्वर यात्रा और मंदिर दर्शन

अल्मोड़ा से जागेश्वर तक रोड ट्रिप, रूट और रास्ते के बारे मे जानकारी और साथ में करेंगें जागेश्वर मंदिर समूह के  दर्शन। यात्रा वृतांत आरम्भ  करते हैं – अल्मोड़ा में धारानौला से।  धारानौला अल्मोड़ा की महत्वपूर्ण बाज़ार हैं, यहाँ – कई सरकारी / गैर सरकारी कार्यालय, और जिनमें मिठाइयों, रोजमर्रा की जरूरतों की दुकानें सहित […]

अल्मोड़ा की जलेबियाँ

अल्मोड़ा अपनी प्राकर्तिक सुंदरता के साथ और भी कई बातों के लिए जाना जाता है जिनमे से एक नाम आते ही – मुँह में मिठास घुल जाती हैं। वो हैं – अल्मोड़ा में कारखाना बाजार स्थित जलेबियो की मशहूर दुकान, इस दुकान की स्थापना कुछ तक़रीबन 70-80 साल पहले – स्वर्गीय किशन दत्त जोशी जी […]

अल्मोड़ा से जुड़े प्रसिद्ध व्यक्ति

स्वामी विवेकानंद (12 जनवरी 1863 – 4 जुलाई 1902) ने अपने हिमालय प्रवास  के समय अल्मोड़ा का तीन बार दौरा किया। उन्होंने शुद्ध अद्वैत वेदांत के अभ्यास और ध्यान के लिए उत्तराखंड के हिमालय क्षेत्रों को उपयुक्त मानते थे।  गोविंद बल्लभ पंत (10 सितंबर 1887 – 7 मार्च 1961) प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, भारतरत्न से सम्मानित, […]

सरकारी आवास से अपना आशियाना

जनाब उम्र के इस पड़ाव पर जब भी मुड़ कर देखा एक बात बहुत याद आती है, यहाँ हल्द्वानी में कठघरिया मे बसने के बाद जब भी प्लमबर, कारपेन्टर, की खोज मे दोडाया जाता हूँ या उनका इंतजार कर रहा होता हूँ तो वो सुनहरे दिन याद आते हैं, जब हम भी राजाओ की तरह […]

ब्राइट एन्ड की एक शाम

बात कुछ वर्ष पुरानी है, अपने कॉलेज के दिनों में, एक शाम मित्र और मैं ब्राइट एंड कार्नर (विवेकानंद कार्नर) से वापस लौट रहे थे, रात का अँधेरा, शाम की धुंधले को ढकने का था और सामने दिख रही अल्मोड़ा की पहाड़ियां रोशनी से जगमगाने लगी थी। हमारे लिए समय था – घर वापस पहुंचने […]

बचपन वाली गर्मियों की छुट्टियां

बचपन की यादों मे नैनीताल के साउथ वूड कोटेज की हल्की हल्की यादे अब तक साथ निभा रही है, बाबुजी अल्मोडा मे कार्यरत थे और हम दोनो भाई एडम्स स्कूल मे पढ़ते थे, गर्मियों का अवकाश विशेष होता क्योकिं मुझे नैनीताल आमा बब्बा के पास जाने का मौका मिल्ता। बाबुजी अल्मोडा से केमू की बस […]

कोरोना आपदा से क्या धार्मिक आस्था बचा सकती है?

हम किसी भी धर्म के हों, अगर ऐसा लगता हैं –  कि कोरोना वायरस से बचने के लिए सरकार द्वारा जारी सुरक्षा गाइड लाइन हमें मानने आवश्यकता नहीं, क्योकि हमारे ईश्वर या अल्लाह हमें कोरोना से बचा लेंगे।  तो श्री रामकृष्ण परमहंस द्वारा स्वामी विवेकानंद एवं कुछ दूसरे शिष्यों को एक अवसर पर कहीं यह […]

लखुउड़्यार शैलाश्रय अल्मोड़ा

हजारों वर्ष पूर्व, प्रागेतिहासिक युग के लोग कैसे रहते होंगे, तब – जब आदमी पेड़ो और गुफाओं मे रहता था, उसने पत्थरों से आग जलाना सीखा, और फिर पत्थरो के हथियार बना शिकार करना सीखा। और उसने सीखा – अपने शिकार को आग में आग मे भून कर खाना।   इसके साथ उसने चित्र बनाने भी […]

जब एक दिव्य संत के लिए रानीखेत में छावनी की स्थापना हुई।

अल्मोड़ा और उत्तराखंड के लोग देवभूमि में होने कारण अत्यंत सौभाग्यशाली हैं। अनेकों उच्च उपलब्धि प्राप्त संतों, महात्माओं ने इस भूमि को अपने चरण धूलि से पवित्र किया हैं और अपनी तपोभूमि के रूप में पर्वतीय भूभाग को चुना है। उनका प्रकाश आज भी इस क्षेत्र को पुलकित कर रहा है। . महान संत लाहिड़ी […]

अल्मोड़ा – चम्पानौला की यादों से भाग 2

चम्पा नौला में हमारे मकान की लोकेशन बहुत बढ़िया थी, भैरव मन्दिर के बगल से करीब सौ सीढ़ी उतर, नौले के बगल मे, ऊपर मिट्ठू दा का मकान और हमारा घर, नौले के बगल मे होने के कारण हम लोगो ने कभी पानी की तंगी नही झेली, गर्मियों में तो चम्पा नौला मे जैसे कौतिक […]

चितई गोलू देव के करें दर्शन

चितई गोलू देव के करें दर्शन उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में एक खूबसूरत स्थान है अल्मोड़ा। विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल नैनीताल से लगभग 72 किलोमीटर और 2 घंटे का सफर तय कर आप अल्मोड़ा पहुँच सकते हैं। अल्मोड़ा नगर से निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम लगभग 85 किलोमीटर और निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर लगभग 110 किलोमीटर […]

अल्मोड़ा दो दशक पहले!

  तब लोग मिलन चौक में लाला बाजार से थाना बाजार तक तो लगभग  रोज ही घूम आते। अब भी शायद जाते हों। यह हैं अल्मोड़ा का मशहूर मिलन चौक, नाम के अनुरूप – यहाँ रोड के किनारे खड़े हो, मित्रो, परिचितों के मध्य अक्सर अनौपचारिक मीटिंग्स हुआ करती।   उस दिनों जब हम अपनी […]