आज 30 नवम्बर को मैंने 17 वर्ष पूर्ण कर 18 वें वर्ष में प्रवेश किया। 2005 में मैंने आज ही के दिन मैंने पहली बार अल्मोड़ा को देखा। लेकिन अल्मोड़ा ने मुझे बहुत देर मे देखना शुरू किया। मुझे देखने के लिए तब इंटरनेट की ज़रूरत होती, जो तब बहुत धीमा था, ज़्यादातर लोग ईमेल […]
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अल्मोड़ा आकर एक परिवार की चमकने और डूबने की कहानी।
बादल… बेला… यों तो दोस्तों इस दुनिया में होने वाला हर लम्हा, हर चीज़ परिवर्तनशील है जो कि प्रकृति का नियम है। इस पर समय रुपी दौर की क्या बात करे.. अलग-2 दौर ने वक्त – 2 में आदमी को कैसे छला है.. यह सिर्फ वह आदमी या वक्त ही बता सकता है.. हम आप […]
अल्मोड़ा ज़िला लाइब्रेरी का नया स्वरूप पुस्तक प्रेमियों का दिल जीत लेगा!
शुक्रिया डी एम साहिबा… दोस्तों तकरीबन छह माह पहले जिलाधिकारी महोदया अल्मोड़ा द्वारा जो एक सराहनीय पहल राजकीय जिला पुस्तकालय को लेकर की गई थी, जो दशकों पुराने पुस्तकालय के जीर्णोद्धार की थी, अब वह पूरी हो चुकी। विगत रविवार को आयोजित तथाकथित लोकार्पण में जनप्रतिनिधियों की होड़ रही पर सालों की पड़ी इस जरूरत […]
दशहरा महोत्सव
हिमालय में अवस्थित अल्मोड़ा अत्यंत सुन्दर व सुरम्य पर्वतीय स्थलों में से एक है । यदि एक बार अल्मोड़ा के आसपास की नैसर्गिक सुन्दरता एवं दशहरा महोत्सव को देख लिया तो निश्चित ही मन बार-बार यहाँ आने के लिए प्रयत्न करेगा । कार्तिक मास में मनाये जाने वाले दशहरा समारोहों में देशभर में बुराई के […]
Almora Introuction
The charm of Almora does not lie in the overcrowded Mall. It lies in other places that include. Nanda Devi Temple: The famous Nanda Devi temple is located in the antechamber of a SNanda Devi Templehiva temple in the Bazaar above the mall. Nanda Devi is said to have been the Goddess revered by the […]
विशालकाय बकायन के पेड़ की डालें काटता हुआ शेरदा
हमारा शेरदा उर्फ़ शेरुवा…. यूँ तो दोस्तों अक्सर इतिहास,साहित्य अथवा सिनेमा आदि की दुनिया में कई बार हम ऐसे चरित्रों से रुबरू होते हैं जिनका जीवन एक महामानव सरीखा यानि ‘लार्जर देन लाईफ़‘ लगता है, पर यदि हम जीवन में सिर्फ अपने आप में ही ना खोए हो,अपने आसपास घटित होने वाली घटनाओं व परिस्थितियों […]
अल्मोड़ा का पेले (हरिया), कभी फूटबाल का सितारा, अब कहाँ!
आज बात केवल एक खेल प्रतिभा की। हरिया पेले … जो अल्मोड़ा में 90 के दशक का फूटबाल का जादूगर था। बरस 1990 के शुरुआत का वह दौर जब दुनिया के एक समाजवादी देश के ढहने और ‘आर्थिक आजादी’ जैसे सपने के शोर में हमारा देश भी उस पीढ़ी को अपने हित के सब्ज़बाग दिखाने […]
अल्मोड़ा जिला पुस्तकालय की यादें
दोस्तों इस बीच एक दिन फिर जिला पुस्तकालय, अल्मोड़ा जाना हुआ किताब वापसी के सिलसिले में… पुस्तकालय बंद देखकर पता किया कि क्यों बंद है? तो जानकर एक सुखद एहसास हुआ कि पुस्तकालय के जीर्णोदार का काम चल रहा है। पुस्तकों बावत पूछने पर पता चला कि यहाँ की सारी पुस्तकें, पांडुलिपिया व अन्य दस्तावेज […]
हमारा अल्मोड़ा…
सोचते सोचते दिन निकला, फिर महीने, फिर साल… लेकिन हमारे अल्मोड़ा का वही पुराना हाल… प्रकृति ने दी अद्भुत छटाएं, सुंदर हवाए, काली घटाएं, प्राचीन मंदिर, ऊँचे भवन, सुंदर अट्टालिकाए। होली की धूम, खडी होली की थाप, दशहरे का उत्सव। भव्य पुतलो की छाप, रामलीला का मंचन, दिवाली की धूम, गिरजे की घंटियाँ, मस्जिदों की […]
कॉलेज के दिन और छात्र संघ के चुनाव
अल्मोड़ा मे GIC से निकलने के बाद जब SSB कैम्पस अल्मोड़ा (अब University) पहुचे, कंधे मे बगैर बैग टाँगे, बगैर यूनिफ़ोर्म के, बगैर क्लास attend करने की अनिवार्यता के, तो ऐसा लगा 1947 मे जो आजादी की बात हुई थी, वो शायद यही होती होगी। और ये महसूस कर – और भी अच्छा लगा और […]
अल्मोड़ा को जानिए इस विडियो के साथ
अल्मोड़ा उत्तराखंड के विख्यात और ऐतिहासिक स्थानों में से एक हैं। कई लोग अल्मोड़ा का परिचय उत्तराखंड की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में भी देते हैं। कई बातें जो दुनिया मे कहीं और देखने – जानने को नहीं मिलेंगी। उन्ही बातों को तलाशने के साथ, करेंगे अल्मोड़ा को एक्सप्लोर। कुछ वर्ष पूर्व तक, चार – […]
अल्मोड़ा से चितई मंदिर पैदल मार्ग – चीड़ के जंगल से होते हुए ।
उत्तराखंड में कुमाऊ में अल्मोड़ा जनपद पर्यटकों के बीच में अत्यंत प्रसिद्ध है, यहाँ कई दर्शनीय स्थल और ट्रैकिंग रूटस हैं – जिनके बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे ही एक खुबसूरत ट्रेक में हैं हम आज। अल्मोड़ा से लगभग 5 किलोमीटर दूर बिनसर रोड में कसार देवी के निकट है पपरसैली। जो […]
अल्मोड़ा : लोगों के विचार, कुमाऊँ की जगह का गैरसैण मंडल का हिस्सा होने पर
जानिए – अल्मोड़ा की जनभावनाएं, नए मंडल का हिस्सा होने पर। कुमाऊं की पहचान ही अल्मोड़ा है और उसे ही कुमाऊं मंडल से अलग करना सही सोच नही है। सिर्फ अफसरशाही को बढ़ावा बाकी तो कुछ नहीं।– आकाश सती मैं इसका विरोध करता हूँ। अल्मोड़ा खुद कुमाऊँ का मुखिया हिस्सा है। अल्मोड़ा से कुमाऊँ के […]
घुघुतिया – उत्तरायणी | मकर संक्रांति
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में मकर संक्रांति एक बड़ा त्योहार है. कुमाऊं में इसे ‘घुघुतिया’ और ‘काले कौवा’ के नाम से जाना जाता है। उत्तराखंडी पर्व-त्योहारों की विशिष्टता यह है कि यह सीधे-सीधे ऋतु परिवर्तन के साथ जुड़े हैं। मकर संक्रांति इन्हीं में से एक है। क्योंकि इस दिन भगवान सूर्य धनु राशि से मकर राशि […]
देवीधुरा का बग्वाल मेला
उत्तराखण्ड अपनी संस्कृति और रीती रिवाजो से भारत में एक अनूठी पहचान रखता है जैसे की उत्तराखण्ड एक सुन्दर पर्वतीय राज्य होने के साथ साथ बहुत से धार्मिक स्थलों का समूह भी है। अगर बात करे के यहां के त्योहारों की तो हर त्योहार का अपना एक विशेष पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व है। उत्तराखण्ड में […]
राजा हरुहीत की कहानी
उत्तराखंड की लोक कथाए और गीत यहाँ के विरासत का स्मरण कराते है, उत्तराखंड में अनेकों प्रसिद्ध लोक कहानियों में से एक लोककथा राजा हरुहीत की है। राजा हरुहीत कूमाऊँ की संस्कृति और आस्था के प्रतीक हैं। न्याय के लिए गुहार करने वाले लोगों का विश्वास है कि राजा हरुहीत सही न्याय करते हैं और लोग राजा जी के दर्शन के लिये दूर-दूर […]
मैं हूँ इस पेड़ का गवाह नंबर एक
सन 1988 के दिसम्बर में मैं अल्मोड़ा आ गया था, उससे पहिले इस पेड़ को कभी ध्यान से नहीं देखा था,पर अब जब भी यहाँ से गुजरता तो आराम के लिए कुछ समय बैठ जाता था, मस्त नजारे देखने को, टाइम पास भी हो जाता क्यों कि उस वक्त मेरे ज्यादा दोस्त नहीं थे। आंधी […]
झाकर सैम मंदिर, अल्मोड़ा
अगर आप अपनी रूटीन लाइफ से अलग कुछ दिन हट के एक अलग शांत और शुद्ध वातावरण में बिताना चाहते हैं, तो आज आप जानेगे एक ऐसे ही स्थान के बारे में। जहां आपको पहुचने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी। निकतम रेल्वे स्टेशन काठगोदाम से लगभग 130 किलोमीटर (लगभग 4 से 5 घंटे की) […]
अल्मोड़ा से चितई यात्रा और मंदिर दर्शन
अल्मोड़ा से लगभग 8.5 किलोमीटर की दुरी पर स्ठित है प्रसिद्द गोलू देवता का मंदिर चितई। आज इस लेख में आप पड़ेंगे अल्मोड़ा मुख्य नगर से NTD होते हुए, चितई मंदिर की सड़क यात्रा, मार्ग में आने वाले प्रमुख स्थानो को, चितई गोलु देवता दर्शन, चितई मंदिर का इतिहास, यहाँ से जुड़ी मान्यताएँ और वापसी […]
If poem by Rudyard Kipling का हिंदी काव्यात्मक रूपांतरण
रुडयार्ड किपलिंग की कालजयी कविता ‘If‘ हममें से कई लोगों की पसंदीदा कविताओं में से एक रही, उनकी इस कविता का खुबसूरत काव्यात्मक हिंदी रूपांतरण – श्यामेंद्र सोलंकी द्वारा किया गया। पढ़िए उनके द्वारा अनुदित कविता। यदि तुम रख सकते धीरज, जब हर कोई हुआ अधीर।दोषारोपण तुम पर कर के, कटु शब्दों के मारे तीर।यदि […]
